दीपोत्सव

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मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
अन्तर्मन से इक दूजे को, करें स्नेह का इजहार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
धनत्रयोदशी ऋषि धन्वन्तरी ने, लिया मनुज अवतार।

जन समुदायिक भाव से, किया आयुर्वेद का आविष्कार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
रूप चतुर्दशी हल्दी की उबटन, प्रातः लगाते सभी नर-नार।
चर्म रोगों से पाते मुक्ति, दम दम दमके उनका निखार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
अमावस्या को लक्ष्मी वंदन कर, दीप प्रज्वलन से रोशन करें घर द्वार।
चहुं और फैले उजियारा, अमन चैन की हो बौछार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
प्रतिपदा गौवर्धन पूजा, दृढ होता संरक्षण का संस्कार।
सामुहिक अन्नकुट आयोजन, समरसता की बहे बयार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।
अक्षय द्वितिया स्नेह वर्धन कर, दृढ करती भाई-बहन का प्यार।
सभी का मंगल होवे भगवन्, विनती यही है बारम्बार।
मनायें दीपोत्सव त्यौंहार, मनायें दीपोत्सव त्यौंहार।

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