प्रकृति संरक्षण

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  • नदी, तड़ाग, पर्वत व उपवन,
  • सुगम बनाते मानव जीवन।
  • करेंगे गर हम अतिशय दोहन,

  • आपदाओं से झुझेंगे सब जन॥
  • नदी, तड़ाग——————-‘
  • प्रकृति की अनमोल धरोहर,
  • करना होगा इनका रक्षण।
  • जल और वायु का प्रदुषण,
  • दूभर कर देगा भावी जीवन॥
  • नदी, तड़ाग—————–‘
  • वर्षा न होगी, दुर्भिक्ष पड़ेंगे,
  • मुश्किल होगा नूतन सर्जन।
  • हम सब मिल कर कदम बढायें,
  • कम करें कार्बन उत्सर्जन॥
  • नदी, तड़ाग —————–‘