स्वच्छता के पुजारी

0
86

हम हैं स्वच्छता के जन्मजात पुजारी,
मोहल्ला स्वच्छ बने इसकी की तैयारी।
ब्रह्म महुर्त में निकले ले हाथ बुहारी,

मुहल्ले के वाशिंदों से की चर्चा भारी॥
हम हैं स्वचछता के जन्मजात पुजारी–
संगी-साथी देखकर हमारा यह योगदान,
गाने लगे सबजन श्रमदान के गुणगान।
उत्साही मन स्वतः देने लगा व्याख्यान,
अखबार में छपी सुन्दर फोटो हमारी॥
हम हैं स्वच्छता के जन्मजात पुजारी–
सैर को निकले मुख में दबाकर पान,
पीक कहां थूकें आई सांसत में जान।

स्वच्छता का भूल गये सब ज्ञान,

बीच सड़क पीक से कर डारी चित्रकारी॥

हम हैं स्वच्छता के जन्मजात पुजारी–