Dosti

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ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे,

यह गूंज कानो में हरदम आती है।
दोस्ती की परख ऐ दिल,
विसम परिस्थिती में ही हो पाती है॥

खिले पुष्प पर भ्रमर मंडराते हैं,
सुखे पत्तों पर मख्खी भी नहीं भिनभिनाती है।
उदयी सूर्य को सभी प्रणाम करते हैं
मगर अस्त होते पर बहुत कम नजर जाती है॥
धन व सत्ता होने पर दोस्त अनेक हो जाते,
सत्ता व धन विहीन की तो दुनियां हंसी उडाती है।
ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे———–