गुरू महिमा

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गुरू बिन ज्ञान नहीं मिलपाये,
गुरू जीवन जीना सिखलाये।
गुरू करे जाग्रत ज्ञान पिपासा,
पूरी हों मन की अभिलाषा ।

प्रतिपल दूर करे अंधियारा

प्रेम जगे, फैले उजियारा ।

गुरू चरनन् में शीश नवाऊं,
माता पिता का मान बढाऊं॥