Maa Bharti

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तेरा वैभव अमर रहे मां,
बृह्माण्ड तेरा गुणगान करे।
समरसता जन-जन में फैले,
हिलमिल हम योगदान करें॥

कोई न सोवे भुखा नंगा,
साक्षरता का ज्ञान जगे।
कहीं न होवे बलवा दंगा,
प्यार प्रेम का मान बढे॥
तेरा वैभव़ अमर रहे मां–
शोषित, वंचित पीड़ित को,
हक अधिकार दिलाना है।
गरीबी का कलंक हे माता,
यहां जड़ से हमें मिटाना है॥
तेरा वैभव़ अमर रहे मां–