mangalmay ho nav varsh

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नव वर्ष 2018 में सभी जीवों का हो मंगल,
हिंसा व आतंक का न हो कहीं पे दंगल।
वंचितों ओ पीङितों को दें सभी मिलके सहारा,
निर्बल को सबल बनाने का है मूल मंत्र यह प्यारा।

देश, धर्म जाति ओ धर्म में न बंट पाये मानवता,
शोषण विहीन समाज बने न पनपने पाये दानवता।
सुलभ हो सबको भोजन ओ कपङा हरा भरा हो यह भूमण्डल,
नव वर्ष 2018 में हो सभी जीवों का मंगल।।
स्वस्थ बने विश्व का जनगण सबको मिले स्वास्थ्य उपचार,
निराक्षर नहीं कोइ रह पाये न रह जाये कोइ बेरोजगार।
इन्सानों में पनपे भाईचारा होने न पाये कोइ अनाचार,
नेस्तनाबूद हो लिंग भेद व शोषण असम्भव होवे दुरव्यवहार।
हिंसा, दम्भ, लोभ व कटुता के सूख जायें सभी दलदल,
नव वर्ष 2018 में हो सभी जीवों का मंगल।।

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