KASHMAKASH

कश्मकश सुहाने सफर पर मैं चला संजेये हंसीन सपने डगर पर साथ लिये अगर मगर अपने अधरों पर मंद मुस्कान व दिल में कुछ करने की कश्मकश थी, फिर भी हौसले की करनी मुझे अजमाइस थी। बीच डगर इक...